Haribhakti with Bhajans

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi

Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी | देखियो चाहत कमल नैन को, निसदिन रहेत उदासी | आये उधो फिरी गए आँगन, दारी गए गर फँसी | केसर तिलक मोतीयन की माला, ब्रिन्दावन को वासी
मेरो मन अनत कहाँ सुख पावे - Mero Mann Anat Kahan Sukh Paave

Mero Mann Anat Kahan Sukh Paave

मेरो मन अनत कहाँ सुख पावे Mero Mann Anat Kahan Sukh Paave मेरो मन अनत कहाँ सुख पावे जैसे उड़ी जहाज को पंछी,पुनि जहाज पे आवे मेरो मन अनत कहाँ..अनत कहाँ सुख पावे कमल नयन कौ छाड़ि महातम और देव को ध्यावे परम गंग को छाड़ि
Ut Jaag Pathik Bhor Bhaee उठ जाग पथिक भोर भई

Ut Jaag Pathik Bhor Bhaee

Ut Jaag Pathik Bhor Bhaee उठ जाग पथिक भोर भई उठ जाग पथिक भोर भई, अब रैन कहाँ जो तू सोवत है जो जागत है सो पावत है, जो सोवत है वो खोवत है खोल नींद से अँखियाँ जरा और अपने प्रभु से ध्यान लगा यह प्रीति करन की रीती नहीं
Hori Khelat Hai Girdhari होरी खेलत हैं गिरधारी

Hori Khelat Hai Girdhari

Hori Khelat Hai Girdhari होरी खेलत हैं गिरधारी होरी खेलत हैं गिरधारी। मुरली चंग बजत डफ न्यारो। संग जुबती ब्रजनारी॥ चंदन केसर छिड़कत मोहन अपने हाथ बिहारी। भरि भरि मूठ गुलाल लाल संग स्यामा प्राण पियारी। गावत
Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय

Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye

Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय हे री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय। घायल की गति घायल जाणै जो कोई घायल होय। जौहरि की गति जौहरी जाणै की जिन जौहर होय। सूली ऊपर
Umariya Dhoke Mey Khoye Diyo Re उमरिया धोखे में खोये दियो रे

Umariya Dhoke Mey Khoye Diyo Re

Umariya Dhoke Mey Khoye Diyo Re उमरिया धोखे में खोये दियो रे उमरिया धोखे में खोये दियो रे। धोखे में खोये दियो रे। पांच बरस का भोला-भाला बीस में जवान भयो। तीस बरस में माया के कारण, देश विदेश गयो। उमर सब धोखे में
Dekh Dekh Ek Bala Jogi Dware Mere Aaya Hai

Dekh Dekh Ek Bala Jogi Dware Mere Aaya Hai

Dekh Dekh Ek Bala Jogi Dware Mere Aaya Hai देख देख एक बाला जोगी द्वारे मेरे आया हो देख देख एक बाला जोगी द्वारे मेरे आया हो ॥ध्रु०॥ पीतपीतांबर गंगा बिराजे अंग बिभूती लगाया हो । तीन नेत्र अरु तिलक चंद्रमा जोगी जटा बनाया
Nand Dware Ek Jogi Aayo Shingi Naad Bajao

Nand Dware Ek Jogi Aayo Shingi Naad Bajao

Nand Dware Ek Jogi Aayo Shingi Naad Bajao नंद दुवारे एक जोगी आयो शिंगी नाद बजायो नंद दुवारे एक जोगी आयो शिंगी नाद बजायो । सीश जटा शशि वदन सोहाये अरुण नयन छबि छायो ॥ नंद ॥ध्रु०॥ रोवत खिजत कृष्ण सावरो रहत नही हुलरायो । लीयो
Radhe Krishna Kaho Pyare Bhajo Mere Pyare Japo Mere Pyare

Radhe Krishna Kaho Pyare Bhajo Mere Pyare Japo Mere Pyare

Radhe Krishna Kaho Pyare Bhajo Mere Pyare Japo Mere Pyare राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे भजो मेरे प्यारे जपो मेरे प्यारे राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे भजो मेरे प्यारे जपो मेरे प्यारे ॥ध्रु०॥ भजो गोविंद गोपाळ राधे कृष्ण कहो मेरे ॥ प्यारे०॥१॥ कृष्णजीकी
Kon Gati Brijnath Ab Meri Kon Gati Brijnath

Kon Gati Brijnath Ab Meri Kon Gati Brijnath

Kon Gati Brijnath Ab Meri Kon Gati Brijnath कोण गती ब्रिजनाथ अब मोरी कोण गती ब्रिजनाथ कोण गती ब्रिजनाथ । अब मोरी कोण गती ब्रिजनाथ ॥ध्रु०॥ भजनबिमुख अरु स्मरत नही । फिरत विषया साथ ॥१॥ हूं पतीत अपराधी पूरन । आचरु कर्म विकार
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