Tag Archives: Krishna Bhajan Lyrics

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi

Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi

अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी Akhiyan Hari Darshan Ki Pyasi अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी | देखियो चाहत कमल नैन को, निसदिन रहेत उदासी | आये उधो फिरी गए आँगन, दारी गए गर फँसी | केसर तिलक मोतीयन की माला, ब्रिन्दावन को वासी
Hori Khelat Hai Girdhari होरी खेलत हैं गिरधारी

Hori Khelat Hai Girdhari

Hori Khelat Hai Girdhari होरी खेलत हैं गिरधारी होरी खेलत हैं गिरधारी। मुरली चंग बजत डफ न्यारो। संग जुबती ब्रजनारी॥ चंदन केसर छिड़कत मोहन अपने हाथ बिहारी। भरि भरि मूठ गुलाल लाल संग स्यामा प्राण पियारी। गावत
Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय

Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye

Mai Toh Prem Deewani Mero Dard Na Jaanai Koye मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय हे री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय। घायल की गति घायल जाणै जो कोई घायल होय। जौहरि की गति जौहरी जाणै की जिन जौहर होय। सूली ऊपर
Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re

Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re

Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re जो तुम तोड़ो पिया, मैं नाही तोडू रे जो तुम तोड़ो पिया, मैं नाही तोडू रे। तोरी प्रीत तोड़ी कृष्णा, कौन संग जोडू॥ तुम भये तरुवर, मैं भयी पंखिया। तुम भये सरोवर, मैं भयी मछिया॥ जो तुम तोड़ो
Chhoti Chhoti Gaiya Chhote Chhote Gwal

Chhoti Chhoti Gaiya Chhote Chhote Gwal

Chhoti Chhoti Gaiya Chhote Chhote Gwal छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल। बीच में मेरो मदन गोपाल॥छोटी छोटी॥ कारी कारी गैया, गोरे
Mai Nahi Maakhan Khayo

Mai Nahi Maakhan Khayo

Mai Nahi Maakhan Khayo मैं नहीं माखन खायो मैय्या मोरी मैय्या मोरी मैं नहीं माखन खायो भोर भई गयेन के पाछे तुने मधुबन मोहे पठायो चार प्रहार बंसी बट बितायो साँज पडी गयी घर आयो ओ रि मैय्या मोरी मैं ने कब माखन
Tan Ke Tambure Mey Do Saason

Tan Ke Tambure Mey Do Saason

Tan Ke Tambure Mey Do Saason तन के तम्बूरे में दो साँसों तन के तम्बूरे में दो तन के तम्बूरे में दो तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ तन के तम्बूरे में दो तन
Chadariya Jhini Re Jhini

Chadariya Jhini Re Jhini

Chadariya Jhini Re Jhini चदरिया झीनी रे झीनी झीनी रे झीनी रे झीनी चदरिया के राम नाम रस भीनी चदरिया झीनी रे झीनी रे झीनी अष्ट कमल दल चरखा डोले पांच तत्व, गुण तीनि साईं को सियत मास दस लागे ठोंक-ठोंक के बीनी झीनी
Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan

Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan

Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan ऐसी लागी लगन मीरा हो गयी मगन है आँख वो जो श्याम का दर्शन किया करे, है शीश जो प्रभु चरण में वंदन किया करे । बेकार वो मुख है जो व्यर्थ बातों में, मुख है वो जो हरी नाम का सुमिरन किया करे
Radha Aisi Bhayi Shyam Ki Deewani

Radha Aisi Bhayi Shyam Ki Deewani

Radha Aisi Bhayi Shyam Ki Deewani राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी राधा ऐसी भयी श्याम की दीवानी, की बृज की कहानी हो गयी ... एक भोली भाली गौण की ग्वालीन , तो पंडितों की वानी हो गई राधा न होती तो वृन्दावन भी न होता कान्हा
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