Chadariya Jhini Re Jhini

Chadariya Jhini Re Jhini

चदरिया झीनी रे झीनी

झीनी रे झीनी रे झीनी चदरिया
के राम नाम रस भीनी चदरिया
झीनी रे झीनी रे झीनी

अष्ट कमल दल चरखा डोले
पांच तत्व, गुण तीनि
साईं को सियत मास दस लागे
ठोंक-ठोंक के बीनी
झीनी रे झीनी…

सो चादर सुर नर मुनि ओढ़ी
ओढ़ी के मैली कीनी चदरिया
दास कबीर ने (ऐसी) जतन करी ओढ़ी
ज्यों की त्यों धर दीनी
झीनी रे झीनी…

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