Tag Archives: Shree Krishna Bhajan Lyrics

Jis Bhajan Mein Ram Ka Naam Na Ho Us Bhajan Ko Gaana Na Chahiye

Jis Bhajan Mein Ram Ka Naam Na Ho Us Bhajan Ko Gaana Na Chahiye

Jis Bhajan Mein Ram Ka Naam Na Ho Us Bhajan Ko Gaana Na Chahiye जिस भजन में राम का नाम ना हो जिस भजन में राम का नाम ना हो जिस भजन में राम का नाम ना हो, उस भजन को गाना ना चाहिए। चाहे बेटा कितना प्यारा हो, उसे सर पे चढ़ाना ना चाहिए। चाहे
Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re

Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re

Jo Tum Todo Piya Mai Naahi Todo Re जो तुम तोड़ो पिया, मैं नाही तोडू रे जो तुम तोड़ो पिया, मैं नाही तोडू रे। तोरी प्रीत तोड़ी कृष्णा, कौन संग जोडू॥ तुम भये तरुवर, मैं भयी पंखिया। तुम भये सरोवर, मैं भयी मछिया॥ जो तुम तोड़ो
Mere Ghar Jo Bhi Hai Diya Hua Hai Shyam Ka

Mere Ghar Jo Bhi Hai Diya Hua Hai Shyam Ka

Mere Ghar Jo Bhi Hai Diya Hua Hai Shyam Ka मेरे घर में जो भी है दिया हुआ है श्याम का ना मेरी तकदीर का ना सारे जहान का मेरे घर में जो कुछ भी है दिया हुआ है श्याम का ... दबी पड़ी है झोपड़ी कान्हा के एहसान से भरा पड़ा है घर मेरा कान्हा
Jag Mey Sundar Hai Do Naam

Jag Mey Sundar Hai Do Naam

Jag Mey Sundar Hai Do Naam जग में सुन्दर है दो नाम जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम | बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम श्याम || माखन ब्रज में एक चुरावे, एक बेर के खावे | प्रेम भाव से भरे अनोखे, दोनों के
Tan Ke Tambure Mey Do Saason

Tan Ke Tambure Mey Do Saason

Tan Ke Tambure Mey Do Saason तन के तम्बूरे में दो साँसों तन के तम्बूरे में दो तन के तम्बूरे में दो तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ तन के तम्बूरे में दो तन
Chadariya Jhini Re Jhini

Chadariya Jhini Re Jhini

Chadariya Jhini Re Jhini चदरिया झीनी रे झीनी झीनी रे झीनी रे झीनी चदरिया के राम नाम रस भीनी चदरिया झीनी रे झीनी रे झीनी अष्ट कमल दल चरखा डोले पांच तत्व, गुण तीनि साईं को सियत मास दस लागे ठोंक-ठोंक के बीनी झीनी
Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan

Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan

Aisi Laagi Lagan Meera Ho Gayi Magan ऐसी लागी लगन मीरा हो गयी मगन है आँख वो जो श्याम का दर्शन किया करे, है शीश जो प्रभु चरण में वंदन किया करे । बेकार वो मुख है जो व्यर्थ बातों में, मुख है वो जो हरी नाम का सुमिरन किया करे
Prabhu Ji Tum Chandan Hum Pani

Prabhu Ji Tum Chandan Hum Pani

Prabhu Ji Tum Chandan Hum Pani प्रभु जी तुम चंदन हम पानी प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी॥ प्रभु जी तुम घन बन हम मोरा। जैसे चितवत चंद चकोरा॥ प्रभु जी तुम दीपक हम बाती। जाकी जोति बरै दिन राती॥ प्रभु
Itna Toh Karna Swami Jab Prann Tan Se Nikle

Itna Toh Karna Swami Jab Prann Tan Se Nikle

Itna Toh Karna Swami Jab Prann Tan Se Nikle इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले ।। टेर ।। गोविन्द नाम लेकर , तब प्राण तन से निकले । श्री गंगाजी का तट हो, जमुना या वंशीवट हो । मेरे
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