Chori Mori Gendya Main Kaishi Jaao Paaniya

Chori Mori Gendya Main Kaishi Jaao Paaniya

चोरी मोरी गेंदया मैं कैशी जाऊं पाणीया

चोरी मोरी गेंदया मैं कैशी जाऊं पाणीया

चोरी मोरी गेंदया मैं कैशी जाऊं पाणीया ॥ध्रु०॥

ठाडे केसनजी जमुनाके थाडे । गवाल बाल सब संग लियो ।

न्यारे न्यारे खेल खेलके । बनसी बजाये पटमोहे ॥ चो०॥१॥

सब गवालनके मनको लुभावे । मुरली खूब ताल सुनावे ।

गोपि घरका धंदा छोडके । श्यामसे लिपट जावे ॥ चो०॥२॥

सूरदास प्रभू तुमरे चरणपर । प्रेम नेमसे भजत है ।

दया करके देना दर्शन । अनाथ नाथ तुमारा है ॥ चो०॥३॥

– Surdas

Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Share on TumblrPin on PinterestEmail this to someoneShare on RedditDigg thisShare on StumbleUpon

Leave Your Comment